Last Updated on 26/12/2023 by S.R. Verma

यदि आप भी NPS में निवेश करते हैं तो आपको अपने एनपीएस के नुकसान और फायदे के बारे में थोडी सी जानकारी होनी चाहिए है कि कहाँ इस योजना से (NPS से) आपको नुकसान हो रहा है और कहाँ पर NPS से फायदा हो रहा है| सरकारी कर्मचारी जिनका एनपीएस में खाता खुला हुआ है उन्हें जरुर अपनी इस नई पेंशन योजना के बारे में मालूम होना चाहिए|

एनपीएस योजना वर्तमान में सभी के लिए है कोई भी इसमें अपना खाता खोल सकता है और अपने रिटायरमेंट के लिए बचत करना शुरू कर सकता है इसलिए सबको एनपीएस के नुकसान और फायदे के बारे में जानकारी होनी चाहिए|

अब बात करते हैं कि एनपीएस के नुकसान क्या है और फायदे क्या हैं?

एनपीएस के नुकसान और फायदे

Table of Contents

एनपीएस के नुकसान

10 प्रमुख NPS ke nuksan इस प्रकार हैं|

  • एनपीएस का पहला नुकसान यह है कि इसमें मिलने वाला रिटर्न स्थिर नहीं है बहुत अस्थिर (Volatile) है जिससे कोई भी अपने NPS Fund की भविष्य की Value का आंकलन नही कर सकता है|
  • एनपीएस  में जमा होने वाला पैसा पेंशन फण्ड के माध्यम से शेयर बाज़ार में लगाया जाता है जो कि पूरी तरह बाज़ार जोखिमों के आधीन होता है|यह एनपीएस के नुकसान में प्रमुख नुकसान है |
  • यदि किसी के सेवानिवृत्ति के समय मंदी की स्थिति आ जाती है या किसी भी अन्य कारण से शेयर बाज़ार नीचे आ जाते हैं तो उस कर्मचारी के NPS Fund की Value बहुत कम हो जाएगी और उन कर्मचारियों को बहुत नुकसान होगा| जिसकी कोईभी भरपाई सरकार द्वारा नहीं की जाएगी|
  • NPS किसी भी न्यूनतम रिटर्न की गारंटी (Guarantee) नही देता है यदि उपरोक्त स्थिति उत्पन्न हो जाती है तो |
  • NPS से पैसे निकलने के नियम काफी जटिल और अस्पष्ट है जिससे कोई भी सरकारी कर्मचारी या निजी क्षेत्र का कर्मचारी आसानी से अपनी शर्तों को पूरा करते हुए पैसा नही निकाल पाता है|
  • ‘All Citizens of India Sector’ के अंतर्गत सब्सक्राइबर 5 साल के बाद ही एनपीएस से Premature Exit कर सकता है| यानि जरुरत पड़ने पर भी वह 5 साल से पहले अपना पैसा नहीं निकाल पाएगा
  • सेवानिवृत्ति के बाद खरीदी गई एन्युटी से मिलने वाली पेंशन आयकर के दायरे में आयेगी| और निर्धारित सीमा से अधिक पेंशन आय पर कर लगाया जायेगा|
  • किसी भी कर्मचारी का मूल वेतन कितना भी हो किन्तु वह यह अनुमान नहीं लगा सकता है कि भविष्य में जब वह रिटायर होगा तो उसे कितनी पेंशन मिलेगी| जब कि पुरानी पेंशन में यह गणना करना बेहद ही आसन है | अपने वर्तमान में मिलने वाले बेसिक को आधा कर दी जिए, यही पेंशन का बेसिक होगा|
  • NPS एक low liquid उत्पाद है | यदि तुरंत पैसे की जरुरत है तो आप के लिए NPS में जमा पैसे किसी काम के नही है|
  • यदि NPS की शर्तों का पालन करते हुए आप finally पैसे निकाल पाने में सक्षम हो पाते है तो आप उसमे से अपने कॉन्ट्रिब्यूशन (Contribution) का सिर्फ 25% पैसे ही निकाल सकते हैं| सरकार द्वारा किये गए योगदान Contribution) को आप नहीं निकाल सकते हैं|
  • आप यदि चाहें कि मैं अपने NPS खाते में जमा पैसे के against में लोन ले लू जिससे मेरा कोई भी फसा हुआ काम बन जाये, तो यह संभव नहीं है| आप अपने NPS खाते के against में लोन नहीं ले सकते हैं|
  • NPS का लॉक-इन पीरियड बहुत अधिक है यानी रिटायरमेंट तक | रिटायरमेंट से पहले कुछ विशेष परिस्थितियों में ही एनपीएस से पैसा निकाल सकते हैं|
  • एनपीएस के नुकसान यह भी है कि एनपीएस टियर-1 अकाउंट के होने पर ही एनपीएस टियर -2 अकाउंट खोला जा सकता है|
  • New Tax Regime के अंतर्गतअब सब्सक्राइबर कॉन्ट्रिब्यूशन से Income Tax Deduction में कोई फायदा नहीं मिलेगा
  • साथ ही NPS में 80 CCD (1)(b) के तहत अतिरिक्त पैसा जमा करने पर Rs. 50000/- का कर योग्य आय में जो अतिरिक्त डिडक्शन प्राप्त होता था, नए regime में अब वह भी नहीं मिलेगा|

ये कुछ प्रमुख एनपीएस के नुकसान हैं| यदि आपको एनपीएस में कुछ और भी नुकसान समझ में आता है तो जरुर साझा करें नीचे कमेंट करके|

अब हम नीचे एनपीएस के फायदे भी जानेंगे | ऐसा नही है कि NPS के सिर्फ नुकसान ही है, एनपीएस के फायदे भी हैं| तो चलिए उन्हें भी जानते हैं|

यह भी जाने: एनपीएस क्या है? एनपीएस खाते की पूरी जानकारी विस्तार से 

यह भी जाने: NPS से पैसे कैसे निकालें? एनपीएस से 25% आंशिक निकासी कैसे करें ऑनलाइन

एनपीएस के नुकसान और फायदे : विडियो के माध्यम से

इस वीडिओ में एनपीएस के नुकसान और फायदों के बारे में चर्चा की गयी जिसे भी आप देख सकते हैं

Video Credit Goes to https://www.youtube.com/@InvestYadnya  you tube Channel

एनपीएस के फायदे / लाभ

  • NPS के फण्ड की रखरखाव की लागत (Expense Ratio) अन्य फण्ड की तुलना में काफी कम है| जिसका फायदा निवेशक को लम्बे समय मिलता है|
  • ब्यक्ति के एक शहर से दुसरे शहर जाने पर या कर्मचारी के स्थानांतरण पर NPS खाता नहीं बदलता है| कही भी जाये NPS खाता वाही रहता है|
  • NPS का खाता सिर्फ एक बार खुलवाने की जरुरत होती है| और यह एक बार ही खुलवाया जा सकता है| दूसरी बार यह नही खुल सकता है|
  • अब NPS की लगभग सभी प्रक्रियाए ऑनलाइन हैं जिससे कोई भी घर बैठे ऑनलाइन NPS का  खाता खोल सकता है और ऑनलाइन ही NPS में निवेश भी कर सकता है|
  • NPS की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी है पैसे जमा करने से लेकर निकालने तक की| जिससे कोई भी डाउट होने पर उसे आसानी से ऑनलाइन ही क्लियर किया जा सकता है|
  • NPS Tire-I खाते में पैसे जमा करने पर आयकर में छूट प्राप्त होती है| आयकर की धारा 80CCD(1), 80CCD(1b) और 80CCD(2) के अंतर्गत आयकर में छूट प्राप्त होती है| अब यह छुट सिर्फ पूराने Tax Regime में ही लागू होता है, नए Tax Regime में सिर्फ 80CCD(2) का ही फायदा मिलता है|
  • NPS में किया जाने वाला निवेश डाइवर्सिफाइड होता है|इसमें लगाया जाने वाला पैसा कुछ इक्विटी में कुछ कॉर्पोरेट बांड में तथा कुछ सरकारी बांड में लगाया जाता है|
  • एनपीएस में किया जाने वाला निवेश न तो पूरी तरह से  इक्विटी में होता है न ही पूरी तरह से debt में होता है|
  • एनपीएस की खास बात यह है कि एनपीएस के फण्ड का मैनेजमेंट एक्सपर्ट फण्ड मेनेजर के द्वारा किया जाता है| जो निवेश से सम्बंधित निर्णय लेते हैं|

तो इस प्रकार से मेरी समझ में ये NPS के कुछ फायदे है जिन्हें नजरअंदाज नही किया जा सकता है| आपकी समझ में कोई और भी फायदा हो तो जरुर साझा करें नीचे कमेंट करके|

एनपीएस के नुकसान और फायदे तो आपने जान लिया अब हम NPS के बारे में थोडा सा जानेंगे कि एनपीएस क्या है? यह किसके लिए लायी गयी है?

यह भी जानें: सरकारी कर्मचारी के लिए एनपीएस कैलकुलेटर : एनपीएस की गणना कैसे करें

यह भी जानें: एनपीएस में कितनी पेंशन मिलेगी? खुद से गणना करना सीखें

एनपीएस क्या है?

एनपीस का पूरा नाम है – नेशनल पेंशन सिस्टम | एनपीएस भारत सरकार द्वारा अपने कर्मचारियों के लिए शुरू की गयी एक नई पेंशन योजना है जिसे बहुत सारी राज्य सरकारों ने भी अपने यहाँ लागू किया हुआ है| तथा मई 2009 से एनपीएस देश के आम नागरिकों तथा निजी क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए भी खोल दी गयी| जिसके अंतर्गत रिटायरमेंट या सेवानिवृत्ति के पश्चात् सरकार को अपने कर्मचारियों को पेंशन नहीं देना पड़ेगा | कर्मचारियों की सेवाकाल के दौरान ही सरकार, कर्मचारियों के वेतन का 10% तथा सरकार अपना 14 % योगदान इस NPS खाते में हर महीने करती है और यह पैसा SBI Penson Fund, LIC पेंशन फण्ड तथा UTI पेंशन फण्ड में लगाया जायेगा| जो कि बाजार जोखिमों के आधीन होता है|

यह जमा किया हुआ पैसा कर्मचारी को उसकी सेवानिवृत्ति के पश्चात् 60% वापस किया जायेगा और 40% की एन्युटी खरीदी जाएगी | जिस भी कंपनी की एन्युटी खरीदी जाएगी वही कंपनी कर्मचारी को उसी 40% पैसे से हर महीने पेंशन देगी| इसमें सरकार का कोई रोल नहीं रह जायेगा शिवाय टैक्स लेने के|

NPS में कितने प्रकार के खाते होते हैं?

एनपीएस में दो प्रकार के खाते होते हैं-

  1. NPS Tire-I Account
  2. NPS Tire-II Account

यह भी जाने: GPF क्या है? GPF में पैसे जमा करने और निकालने के नियम

NPS Tire-I खाता

एनपीएस में पहले जो खाता खोला जाता है वह NPS Tire-I खाता होता है| इस खाते में जमा पैसे में ही आयकर की छूट प्राप्त होती है| इसी खाते पर जमा राशि पर पेंशन का निर्धारण होता है| इस खाते पर जमा पैसे को कुछ शर्तो को छोड़ कर, नही निकला जा सकता है| सेवानिवृत्ति के समय ही इस खाते के पैसे को निकला जा सकता है| एनपीएस टियर 1 खाते में जमा राशि पर टैक्स बेनिफिट मिलता है|

NPS Tire-II खाता

जिन लोगो का NPS Tire-I खाता होता है वे ही NPS Tire-II खाता खोल सकते हैं| इस खाते में जमा पैसे को कभी भी निकला जा सकता है| एनपीएस टियर-2 खाते में निवेश किये गए पैसे में कर लाभ नहीं मिलता हैं|

FAQs (एनपीएस के नुकसान और फायदे के सम्बन्ध में पूंछे जाने वाले सवाल)

क्या एनपीएस एक अच्छी पेंशन योजना है?

हाँ, उनके लिए जो इसमें 25-30 या अधिक साल तक निवेश करते हैं| कम समय के निवेश में न तो रिटर्न अच्छा मिलता है और न ही पेंशन अच्छी मिलती है|

क्या सरकारी कर्मचारी के लिए एनपीएस सही है?

हाँ, यदि सरकारी कर्मचारी 25-30 साल तक एनपीएस में निवेश करने का मौका पाता है तो| तभी वह एक अच्छा अमाउंट एनपीएस में जमा कर पाता है|

जिन सरकारी कर्मचारियों की नौकरी 5-10 ही बची है उनके लिए एनपीएस कैसा है?

ऐसे कर्मचारियों के लिए एनपीएस सही नहीं है क्योंकि ऐसे में उनका कुल निवेश एनपीएस में कम होता है जिससे उन्हें एनपीएस के तहत बहुत कम पेंशन मिलती है|

क्या एनपीएस में निवेश जोखिम भरा (risky) होता है?

हाँ, एनपीएस के अंतर्गत जमा किये गए पैसे को शेयर बाजार में भी लगाया जाता है जो एनपीएस का रिस्की portion होता है|

एनपीएस के नुकसान क्या हैं?

१. लम्बी लॉक इन अवधि
२. रिटर्न की कोई गारंटी नहीं है
३. पैसा रिस्क में लगा रहता है
४. लॉकइन अवधि के सापेक्ष कम रिटर्न मिलता है
५. जरुरत पड़ने पर सिर्फ 25% पैसे ही निकाल सकते हैं ज्यादा नहीं

एनपीएस एक अच्छा निवेश क्यों है?

एनपीएस लो रिस्क के साथ टैक्स बेनिफिट और लम्बे समय में compounding का फायदा देता है|

क्या एनपीएस में निवेश करना सुरक्षित है?

जी हाँ, एनपीएस में निवेश सुरक्षित है चूँकि यह एक रिटायरमेंट के लिए बचत योजना है, इसमें पैसे को सुरक्षित तथा लम्बे समय में ग्रोथ देने वाले इंस्ट्रूमेंट्स में लगाया जाता है| और इसमें लगाए गए पैसे को उस क्षेत्र के विशेषज्ञ मैनेज करते हैं|

क्या राष्ट्रीय पेंशन योजना एक अच्छा निवेश है?

हाँ, राष्ट्रीय पेंशन योजना एक बहुत ही अच्छा निवेश विकल्प है| यह उन लोगो के लिए बहुत कारगर है जिनकी आयु कम है यही 30 के आसपास के है क्योंकि जब लम्बे समय तक निवेश किया जायेगा तो उसका COMPOUNDING रिजल्ट बहुत ही बढियां होगा|

एनपीएस के फायदे क्या-क्या हैं?

१. NPS के फण्ड की रखरखाव की लागत (Expense Ratio) अन्य फण्ड की तुलना में काफी कम है| जिसका फायदा निवेशक को लम्बे समय मिलता है|
२. ब्यक्ति के एक शहर से दुसरे शहर जाने पर या कर्मचारी के स्थानांतरण पर NPS खाता नहीं बदलता है| कही भी जाये NPS खाता वाही रहता है|
३. NPS का खाता सिर्फ एक बार खुलवाने की जरुरत होती है| और यह एक बार ही खुलवाया जा सकता है| दूसरी बार यह नही खुल सकता है|
४. अब NPS की लगभग सभी प्रक्रियाए ऑनलाइन हैं जिससे कोई भी घर बैठे ऑनलाइन NPS का  खाता खोल सकता है और ऑनलाइन ही NPS में निवेश भी कर सकता है|
५. NPS की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी है पैसे जमा करने से लेकर निकालने तक की| जिससे कोई भी डाउट होने पर उसे आसानी से ऑनलाइन ही क्लियर किया जा सकता है|
इसके अतिरिक्त और भी फयदे हैं जिन्हें आप इस पोस्ट में पढ़ और जान सकते हैं|

इस प्रकार से आज आपने  एनपीएस के नुकसान और फायदे के बारे में जाना होगा | एनपीएस के नुकसान और फायदे अलग-अलग लोगो के अनुसार अलग -अलग हो सकते हैं | किन्तु एक बात जो एनपीएस का सबसे बड़ा नुकसान है वह है एनपीएस में पेंशन कम मिलना और निवेश के रिटर्न की कोई गारंटी न होना|जब एनपीएस में कोई कर्मचारी या सब्सक्राइबर लम्बे समय तक निवेश का मौका पायेगा तो हो सकता है कि उसे ठीक-ठाक पेंशन मिल जाये जो उसकी भविष्य की जरूरतों के हिसाब से ठीक-ठाक हो| जिन कर्मचारियों को इस योजना में कम समय के लिए ही निवेश करने का अवसर मिला है किसी कारणवस् तो उन्हें  इस योजना से सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है| बहुत थोड़ी ही पेंशन उन्हें मिल रही होगी|  उम्मीद है आपको जानकारी पसंद आई होगी| इस विषय पर अपने सुझाव देने  व प्रश्न पूंछने का कष्ट करें| धन्यवाद

S.R. Verma

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