Last Updated on 25/12/2023 by S.R. Verma

क्या आपको पता है कि म्यूचुअल फंड के फायदों के साथ-साथ उनके नुकसान भी हैं जो सभी को पता होने चाहिए | एक आम निवेशक को निवेश करने से पहले म्यूचुअल फंड के नुकसान पर भी गौर करना चाहिए और फिर निवेश का निर्णय लेना चाहिए|

आइये जानते हैं कि कौन – कौन से हैं म्यूचुअल फंड के नुकसान जिसे सभी निवेशकों को पता होना चाहिए|

Table of Contents

म्यूचुअल फंड के नुकसान (Mutual Fund ke nuksan)

म्यूचुअल फंड के निम्नलिखित नुकसान हैं-

1. म्यूचुअल फंड में शेयर बाज़ार के उतार-चढ़ाव का नुकसान

म्यूचुअल फंड में किया गया निवेश शेयर बाजार के जोखिमों के अधीन होता है| इसलिए यदि शेयर बाजार में उतार या चढ़ाव होता है तो उसका सीधा असर म्यूचुअल फण्ड के रिटर्न पर पड़ता है | यह म्यूचुअल फंड का बड़ा नुकसान है |

2. म्यूचुअल फंड में मिलने वाले रिटर्न की अनिश्चितता

म्यूचुअल फंड में रिटर्न की कोई गारंटी नहीं होती है, यानि लाभ के साथ-साथ हानि भी हो सकती है | जिस प्रकार से FD में आपको एक निश्चित समय में एक निश्चित रिटर्न मिलता है उस प्रकार से म्यूचुअल फंड के रिटर्न के साथ नहीं होता है| यह कभी कम तो कभी ज्यादा रिटर्न देते हैं|

म्यूचुअल फंड के नुकसान (Mutual fund ke nuksan)

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3. छोटी अवधि के निवेश में नुकसान की सम्भावना अधिक होना

म्यूचुअल फंड में यदि आप छोटी अवधि के लिए निवेश करके रिटर्न बनाना चाहते हैं तो यह बहुत ही मुश्किल है क्योंकि छोटी अवधि में शेयर मार्किट को पढ़ पाना मुस्किल होता है कि वह किस करवट जायेगा | इसलिए छोटी अवधि में यदि आप रिटर्न बनाना चाहते है तो म्यूचुअल फंड के स्थान पर किसी अन्य निवेश विकल्प को खजना चाहिए|

इसलिए म्यूचुअल फंड में हमेशा लॉन्ग टर्म के लिए ही निवेश करना चाहिए| शोर्ट टर्म में नुकसान की सम्भावना अधिक होती है|

4. म्यूचुअल फंड को एक साल के भीतर बेचने पर Exit load का नुकसान

म्यूचुअल फंड का एक नुकसान यह भी है कि यदि आप छोटी अवधि यदि एक साल के भीतर ही अपना म्यूचुअल फंड बेचते हैं तो आपको 1% का एग्जिट लोड देना पड़ता है| यह म्यूचुअल फंड AMC खुद ही कट करके आपको आपके पैसे वापस करती है|

5. म्यूचुअल फंड की कमाई पर tax का नुकसान

यदि आप रिस्क लेकर कुछ पैसे कमा लेते हैं म्यूचुअल फंड से, तो आपको उस पर टैक्स देना पड़ता है| इस टैक्स की मात्रा DEBT और EQUITY म्यूचुअल फंड स्कीम के लिए अलग अलग होती है| इक्विटी के केस में, एक साल के भीतर यदि आप बेचते हैं तो आपको अपने लाभ पर 15% का टैक्स देना होता है और एक साल के बाद बेंचने पर एक लाख से अधिक का जो प्रॉफिट होता है उस पर 10% का टैक्स लगता है|

वहीँ DEBT म्यूचुअल फंड के केस में तीन साल से कम अवधि में म्यूचुअल फंड को बेंचने पर लाभ को आपकी इनकम में जोड़ दिया जाता है और तीन साल के बाद बेंचने पर लाभ में 20% का टैक्स लगता है|

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6. कुछ म्यूचुअल फंड को एक तय समय अवधि से पहले नहीं बेंच सकते

यदि आप किसी ELSS Mutual Fund में या किसी Close ended म्यूचुअल फंड में निवेश करते है तो आप उन स्कीम को तय समय से पहले या तीन साल से पहले नहीं बेंच सकते हैं आपको पैसे की चाहे जितनी जरुरत हो| ELSS MUTUAL FUND में 3 साल का Lock-in Period होता है|

7. यदि आप एजेंट के माध्यम से म्यूचुअल फंड लेते हैं तो उसमे कम रिटर्न मिलता है

जब आप किसी एजेंट के माध्यम से म्यूचुअल फंड में निवेश करते हैं तो एजेंट आपको रेगुलर म्यूचुअल फंड suggest करता है क्योंकि इसमें उसे कमीशन मिलता है| और रेगुलर म्यूचुअल फंड का रिटर्न डायरेक्ट म्यूचुअल फंड से कम होता है | इसलिए हमेशा डायरेक्ट म्यूचुअल फंड का चुनाव करें|

8. यदि आप रेगुलर म्यूचुअल फंड में निवेश करते हैं तो आपको मैनेजमेंट फीस (Expense Ratio) अधिक देनी पड़ती है

रेगुलर म्यूचुअल फंड का एक्सपेंस रेश्यो अधिक होता है क्योंकि इसमे से एजेंट को कमीशन भी देना होता है | इन खर्चों की वजह से ही रेगुलर म्यूचुअल फंड का रिटर्न कम हो जाता है|

9. म्यूचुअल फंड में रिटर्न की कोई गारंटी नहीं होती है|

म्यूचुअल फंड फिक्स रिटर्न वाला उत्पाद नहीं है इसमें रिटर्न की कोई गारंटी नहीं होती है | जैसे की FD या insurance में होता है| यहाँ पर रिटर्न में बहुत अधिक उतार चढ़ाव देखने को मिलेंगे| किन्तु लम्बे समय में रिटर्न अच्छे मिलने की पूरी सम्भावना होती है|

10. Debt म्यूचुअल फंड में लिक्विडिटी रिस्क का खतरा

Debt Mutual fund में लिक्विडिटी का ख़तरा अधिक होता है यहीं आपके खरीदने के बाद उस म्यूचुअल फंड को बेंचना मुश्किल होता है| जिससे निवेशक को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है|

11. Mutual Fund अल्प अवधि के निवेश के लिए उपयुक्त नहीं होते हैं

यदि आप थोड़े समय के लिए निवेश करना चाहते हैं और पैसे बनाना चाहते हैं तो यह निवेश विकल्प आपके लिए उपयुक्त नहीं है और इसमें निवेश करके आप अपने पैसे गवां भी सकते हैं तो म्युचुअल फंड में निवेश से पहले हमेशा ध्यान रखें कि कितने समय के लिए निवेश करना चाहते हैं|

इस प्रकार से ये थे म्यूचुअल फंड के नुकसान (Mutual Fund ke nuksan) जिन्हें सभी निवेशकों को पता होना चाहिए| अब बात करते हैं कि म्यूचुअल फंड के नुकसान से कैसे बचा जाए| नीचे कुछ टिप्स दिए गए है जिनकों फॉलो करके कोई भी अपने म्यूचुअल फंड के नुकसान को कम कर सकता है-

म्यूचुअल फंड के नुकसान से कैसे बचें (Mutual Fund ke nuksan se kaise bachen)

  • म्यूचुअल फंड में हमेशा लम्बे समय के लिए निवेश करें| शोर्ट टर्म में नुकसान के चांस अधिक होते हैं|
  • Mutual Fund में अपनी कमाई का सारा पैसा कभी न लगाये| इसमें सिर्फ वही पैसा लगाए जिसकी निकट भविष्य में आपको जरुरत नहीं हो|
  • हमेशा Direct Mutual Fund को चुनें|
  • निवेश करने से पहले म्यूचुअल फंड का पिछला प्रदर्शन जरुर देंखें, कम से कम 10 साल का|
  • जब आप लम्बे समय के लिए निवेश करते हैं तो आपको एग्जिट लोड की चिंता करने की जरुरत नहीं होती है|
  • यदि आपका म्यूचुअल फंड negative return दे रहा है तो घबराएँ नहीं और न ही अपने म्यूचुअल फंड को बेंचे | थोड़ा इंतजार करें, जैसे ही मार्किट बढ़ना शुरू करेगा, आपकी हानि लाभ में परिवर्तित होना शुरू हो जाएगी|
  • हमेशा कोशिश करें कि, आप गिरे हुए मार्किट में निवेश करें| यहाँ से आप अच्छा रिटर्न बना सकते हैं वह भी कम समय में |
  • बढ़े हुए मार्किट में कभी निवेश न करें, क्योंकि यहाँ से मार्किट के गिरने के चांस अधिक होते हैं और गिरा तो आपको अधिक नुकसान सहना पड़ सकता है|

FAQs

म्यूचुअल फंड के नुकसान से कैसे बचें?

1.म्यूचुअल फंड में हमेशा लम्बे समय के लिए निवेश करें| शोर्ट टर्म में नुकसान के चांस अधिक होते हैं|
2.Mutual Fund में अपनी कमाई का सारा पैसा कभी न लगाये| इसमें सिर्फ वही पैसा लगाए जिसकी निकट भविष्य में आपको जरुरत नहीं हो|
3.हमेशा Direct Mutual Fund को चुनें|
4.निवेश करने से पहले म्यूचुअल फंड का पिछला प्रदर्शन जरुर देंखें, कम से कम 10 साल का|
5.जब आप लम्बे समय के लिए निवेश करते हैं तो आपको एग्जिट लोड की चिंता करने की जरुरत नहीं होती है|

म्यूचुअल फंड के नुकसान क्या हैं?

1. म्यूचुअल फंड में शेयर बाज़ार के उतार-चढ़ाव का नुकसान
2. म्यूचुअल फंड में मिलने वाले रिटर्न की अनिश्चितता
3. छोटी अवधि के निवेश में नुकसान की सम्भावना अधिक होना
4. म्यूचुअल फंड को एक साल के भीतर बेचने पर Exit load का नुकसान
5. म्यूचुअल फंड की कमाई पर tax का नुकसान
6. कुछ म्यूचुअल फंड को एक तय समय अवधि से पहले नहीं बेंच सकते
7. यदि आप एजेंट के माध्यम से म्यूचुअल फंड लेते हैं तो उसमे कम रिटर्न मिलता है

उम्मीद है आपको म्यूचुअल फंड के नुकसान (Mutual Fund ke nuksan) और उनसे बचने के उपाय जरुर पसंद आए होंगे | आप अपने प्रश्न और सुझाव नीचे कमेंट करके जरुर बताएं|

S.R. Verma

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